कैसे पहचाने ओवुलेशन के लक्षण - Ovulation ke lakshan in Hindi
ओवुलेशन महिला की प्रजनन की एक बहुत जरूरी प्रक्रिया होती है जिसे अंडोत्सर्ग भी कहते हैं। ओवुलेशन के दौरान जब कोई अंडा अंडाशय से मुक्त होता है और हर पीरियड्स में प्रजनन हार्मोंस अंडाशय को उत्तेजित करने के लिए ही काम करता है। महिलाओं को होने वाली ये एक ऐसी समस्या है जो उनकी प्रेग्नेंसी के होने ना होने को प्रभावित करती हैं। बहुत से लोगों को इसके बारे में नहीं पता होता है और लोग ovulation ke lakshan in hindi सर्च करते हैं लेकिन इसके लक्षण को जानने के बाद ही आपको इसके टेस्ट करवाने चाहिए |
कभी-कभी 2 बार ओवुलेशन होना भी संभव हो जाता है लेकिन मासिक धर्म समय पर ही होता है। इस तरह से दो अलग-अलग ओवुलेशन से एक जैसे नहीं दिखने वाले जुड़वा बच्चे पैदा हो जाते हैं। ऐसा अक्सर 35 साल से ज्यादा की उम्र वाली महिलाओं में होता है। वैसे अब जानिए ovulation ke lakshan |
1: जिन महिलाओं का पीरियड रेगुलर रहता है वे बहुत आसानी से ओवुलेशन की प्रक्रिया समझती हैं क्योंकि उनमें ओवुलेशन का दिन निश्चित हो जाता है।
2: अगर किसी का मासिक चक्र पूरे 28 दिनों में आता है तो 12वें या 16वें दिन इसके लक्षणों को आप पहचान सकती हैं. इसी दिन ओवुलेशन प्रक्रिया होने की संभावना बढ़ती है।
3: जिन महिलाओं में पीरियड रेगुलर नहीं रहता उनमें यह क्रिया अनिश्चित होती है. मासिक चक्र डिस्टर्ब होने के साथ ओवुलेशन का समय भी बदलता रहता है।
4: ओवुलेशन प्रक्रिया के दौरान सर्विकल म्यूकस में पर्वितन होता है. योनि स्राव की मात्रा को गाढ़ापन और स्पष्टतौर पर अंतर दिखने लगता है।
5: योनि स्राव दूसरे दिनों में चिपचिपा हो जाता है लेकिन ओवुलेशन के समय यह ज्यादा चिकनाईयुक्त और छूने पर तनाव प्रतीत होने लगता है।
6: ओवुलेशन की प्रक्रिया के दौरान सेक्स करने की इच्छा ज्यादा बढ़ जाती है और इस दौरान फर्टाइल फेज होता है जिसके कारण यौन संबंध बनाने की इच्छा उच्च सीमा प्रतीत होने लगती है।
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