मुद्रा लोन लेने के लिए क्या प्रक्रिया है?
प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना (PMMY) के तहत लोन प्राप्त करना बहुत आसान है। मुद्रा लोन लेने की प्रक्रिया जानने से पहले प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना बहुत ही जरूरी है।
कब शुरु हुई मुद्रा लोन योजना?
नरेंद्र मोदी जी 2014 में प्रधानमंत्री बनें। 2014 तक छोटे और मझोले कारोबारियों के लिए कोई ऐसी योजना नहीं थी, जिससे कारोबारी अपने बिजनेस के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों (एमएसएमई कारोबारियों) की आर्थिक सहायता के लिए मुद्रा लोन योजना शुरु करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया।
मुद्रा लोन योजना का प्रस्ताव संसद में पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कम कमलों द्वारा अप्रैल 2015 में मुद्रा लोन योजना की शुरुवात हुई।
मुद्रा लोन योजना एक नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (एनबीएफसी) के तहत शुरु की गई योजना है। मुद्रा योजना चलाने वाली एनबीएफसी का पूरा नाम माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट रीफाइनेंस एजेंसी (Micro Units Development Refinance Agency) है।
आपको जानकारी के लिए बता दें कि मुद्रा लोन बांटने के लिए 7 सरकारी बैंक, 17 प्राइवेट बैंक, 31 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, 4 सहकारी बैंक, 36 माइक्रो फाइनेंस संस्थान और 25 गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) अधिकृत हैं।
मुद्रा योजना के तहत कितना लोन मिलता है?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दो कैटेगरी में तीन तरह का बिजनेस लोन दिया जाता है। मुद्रा लोन की दो कैटेगरी निम्न है:
पुराने कारोबार/उद्योग को लोन
नया कारोबार/उद्योग शुरु करने के लिए लोन
मुद्रा लोन तीन तरह का मिलता है:
शिशु लोन – मुद्रा लोन का यह पहला प्रकार है। शिशु लोन के तहत 50 हजार रुपया बिजनेस लोन मिलता है।
किशोर लोन- मुद्रा लोन का यह दूसरा प्रकार है। किशोर लोन के तहत 50 हजार से 5 लाख तक का बिजनेस लोन मिलता है।
तरुण लोन- मुद्रा लोन का यह तीसरा प्रकार है। तरुण लोन के तहत 5 लाख से 10 लाख तक का बिजनेस लोन मिलता है।
मुद्रा लोन मिलने की पूरी प्रक्रिया
प्रधानमंत्री मुद्रा लोन लेने के लिए प्रक्रिया इस प्रकार है:
पात्रता जांच करना।
जरूरी कागजात इक्कठा करना।
मुद्रा लोन के लिए आवेदन करना।
मुद्रा लोन लेने की पात्रता इस प्रकार है
मुद्रा लोन के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति भारतीय नागरिक हो।
कृषि को छोड़कर कोई भी बिजनेस करता हो या करना चाहता हो।
कॉरपोरेट कंपनी नहीं हो।
बिजनेस का प्रोजेक्ट तैयार हो।
मुद्रा लोन के पैसों का कैसे उपयोग करना है इसके बारे में जानकारी हो, इसका बकायदा एक प्रोजेक्ट बना हो।
आवेदक महीने में 17 हजार से अधिक न कमाता हो।
आवेदक अगर बिजनेस बढ़ाने के लिए मुद्रा लोन लेना चाहता हो, तो बिजनेस का सालाना टर्नओवर 15 लाख से कम न हो।
बिजनेस कम से कम 5 साल पुराना हो।
आवेदक अगर कोई नया उद्योग/बिजनेस शुरु करने के लिए मुद्रा लोन लेना चाहता हो तो आवेदक को कम से कम 2 साल नौकरी किया होना चाहिए।
निवास प्रमाण पत्र के लिए दिए गये पते पर कम से कम 1 से निवास करते रहना चाहिए।
जिस बैंक से मुद्रा लोन के लिए अप्लाई कर रहे हो उस बैंक में बैंक खाता होना चाहिए, बैंक खाता 1 साल पुराना होना चाहिए।
मुद्रा लोन लेने के लिए इन कागजों की जरूरत पड़ती है
2 फोटो
पहचान पत्र की फोटोकॉपी
पता प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी
बैंक स्टेटमेंट की कॉपी
जाति प्रमाण पत्र की कॉपी (अगर आप आरक्षित जाति से हैं और उसका लाभ उठाना चाहते हैं तब इसकी जरूरत पड़ेगी)
कारोबार के पता का प्रमाण पत्र - कारोबार का पहचान व पते का प्रमाण अपने कारोबार से संबंधित लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या अन्य कोई दस्तावेज जमा करना होगा। यह इस बात का प्रमाण है कि आप उस बिजनेस के मालिक हैं।
अगर आप कारोबार में मशीनरी खरीदने के लिए मुद्रा लोन लेना चाहते हैं तो उस मशीनरी का जितना मूल्य हो उसकी कॉपी लगा सकते हैं। अगर आप मशीनरी की बिल की कॉपी लगा रहे हैं तो आपको मशीनरी देने वाले का नाम, मशीन आने से आपके बिजनेस में क्या सकारात्मक पड़ेगा उसकी रिपोर्ट और कितनी कच्चे माल की जरूरत पड़ेगी, इसका भी विवरण देना होगा।
मुद्रा लोन के लिए आवेदन करना
प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के लिए आवेदन करने के लिए अपने नजदीकी बैंक या एनबीएफसी कंपनी में जाना होता है। वहां से मुद्रा लोन फॉर्म लेकर उसे ध्यान से भरकर, फॉर्म के साथ सभी जरूरी कागजात अटैच करके फॉर्म जमा कर देना होता है। फॉर्म जमा करने के लिए रेगुलर तौर पर फ़ॉलोअप करते रहना होता है। फ़ॉलोअप तब तक करते रहना होगा, जब कि आपका मुद्रा लोन अप्रूव नहीं हो जाता है।
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